विवेक जी । जीवन के पत्र Blog

माँ शिप्रा तीर्थ पद परिक्रमा

माँ शिप्रा तीर्थ पद परिक्रमा का कल शाम समापन हुआ, दो दिन की तपी धूप में आस्था में गोते लगाते लोग चलते रहे – ५२-५४ किलोमीटर की आस्था पद परिक्रमा में। छोटे बच्चे तक अपने माँ बाप के साथ आस्था के इस पर्व में जुड़ते रहे,...

माँ शिप्रा तीर्थ परिक्रमा:उज्जैन

पवित्र नदियों के संरक्षण और अध्यात्म के आधार से जीवन को जोड़ देने के लिए माँ शिप्रा जी की ५२-५४ किलोमीटर की तीर्थ परिक्रमा महाकाल की नगरी उज्जैन में आज शुरू होगी। मैं मानता हूँ कि जब तक भारत की समस्या को भारतीय तरीक़े से हम...

मगध की धरती और बिहार

इस देश की समस्त आध्यात्मिक इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली मगध की धरती और बिहार में आना आनंद से भरा रहा। आस्था के केंद्रों में भ्रमण और सबसे महत्वपूर्ण बोधगया में एक लम्बा समय बिताने का मौक़ा मिला जो अत्यंत आनंद से भरा हुआ रहा।...

बोधगया

आप जब बोधगया के मुख्य बोधि मंदिर में प्रवेश करेने के पहले बाएँ तरफ़ सबसे पहले आपको महात्मा बुद्ध का एक आलय और उसके ठीक बाद शिव जी का आलय मिलेगा। यहाँ से आगे जाने के बाद ही आप मुख्य बोधि मंदिर में प्रवेश करते है।...

महाबोधि मंदिर

आज से सदियों पूर्व, महात्मा बुद्ध ने जीवन की असंगतियाँ के बीच समत्व का दर्शन यहीं प्राप्त किया था, यह है, बोधगया का महाबोधि मंदिर। इसी मंदिर में वह बोधि वृक्ष है जिसके नीचे बैठे सिद्धार्थ को जीवन का अनुभव अस्तित्व के आधार से मिला था।...

किसी राष्ट्र की चेतना में साहित्य का सबसे बड़ा योगदान होता है, जहाँ साहित्य जीवंत है वहां राष्ट्र जीवंत है।

किसी राष्ट्र की चेतना में साहित्य का सबसे बड़ा योगदान होता है, जहाँ साहित्य जीवंत है वहां राष्ट्र जीवंत है। मैंने कुछ वर्षों भारतीय भाषाओं के नवीन जागरण के लिए एवं भारतीय साहित्य की माफिया राजनीति में दबे पड़े उन महान साहित्यकारों के लिए सोचना शुरू...

आप सबके प्रेम से अनुग्रहित हूँ, आप सबके संदेशों से प्रेम की सुगंध के लिए

आप सबके प्रेम से अनुग्रहित हूँ, आप सबके संदेशों से प्रेम की सुगंध के लिए, आत्मीयता के लिए, हे ईश्वर ……. जय हो।

श्री कृष्ण के जीवन में पूर्णता है, जीवन में जो भी मिला उसे उन्होंने स्वीकार किया….

श्री कृष्ण के जीवन में पूर्णता है, जीवन में जो भी मिला उसे उन्होंने स्वीकार किया, कहीं नैतिकता की आड़ में उसे शापित नहीं किया, श्री कृष्ण को प्रणाम और जन्माष्ठमी की शुभकामनाएं।

यह फोटो आज कई जगह देखी, इस फोटो में जो कुछ शब्द अंग्रेजी में लिखे हैं…

यह फोटो आज कई जगह देखी, इस फोटो में जो कुछ शब्द अंग्रेजी में लिखे हैं, हम आज भी colonial hangover मे हैं हम और हमारा रोल मॉडल अगर अमेरिका होगा तब हम भी दमन की, हिंसा की, द्वेष की , स्थिति पैदा करेंगे। मेरी आशा...